IS के चंगुल से छूटे भारतीय डॉक्टर ने सुनाई आपबीती
नई दिल्ली (एजेंसी)। आतंकी संगठन आईएस द्वारा अपह्रत किए गए भारतीय डॉक्टर राममूर्ति को आईएस के कब्जे से मुक्त करा लिया गया है।






 राममूर्ति को दो साल पहले लीबिया से आईएसआईएस द्वारा किडनैप कर लिया गया था। आंध्र प्रदेश के रहने वाले राममूर्ति ने रिहा होने के बाद अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा, 'आईएस के आतंकियों को भारत के बारे में सबकुछ बहुत अच्छी तरह से पता है और वे काफी पढ़े लिखे हैं। आतंकियों ने कई बार उनसे सर्जरी और ऑपरेशन करवाने की कोशिश की लेकिन उन्होंने कभी ऐसा नहीं किया।' 
अपनी रिहाई के लिए डॉ. राममूर्ति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और अन्य अधिकारियों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा, 'मैं इसे नहीं भूल सकता।' 
न्होंने कहा, ' जेल में हमारी मुलाकात दो अन्य भारतीयों से हुई। उन्हें सिर्ते के बाहर से बंधक बनाया गया था और जेल में 2 महीने की सजा भी काट चुके थे। आईएस के आतंकी मुझे जबरन ऑपरेशन थिएटर में ले जाते, लेकिन मैंने कभी कोई सर्जरी नहीं की। उन्होंने कभी मुझे शारीरिक रूप से चोट नहीं पहुंचाई, वे केवल गालियां देते थे। आतंकियों को भारत के बारे में काफी कुछ पता है।' 
राममूर्ति ने बताया, 'वहां हमारी मुलाकात कुछ तुर्किश और कोरियाई लोगों से हुए। आईआईएस के सदस्यों ने हमें इस्लाम और अपने नियम-कानूनों के बारे में बताया। और उसके बाद उनके लोगों ने मुझे कि कैसे इस्लाम में एक दिन में 5 बार प्रार्थना की जाती है, और प्रार्थना से पहले कैसे सफाई की जाती है। यह लगभग 2 महीने तक चला था।'

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