
सीबीएसई- स्कूलों में ट्रांसपोर्ट के लिए उपयोग की जाने वाली बसों में अब सिक्योरिटी गार्ड्स भी मौजूद रहेंगे। इतना ही नहीं बसों में गर्ल्स स्टूडेंट्स को ध्यान में रखते हुए एक महिला कर्मचारी भी मौजूद होगी।
सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने इसे लेकर देशभर के स्कूलों को सर्कुलर जारी किया है। बोर्ड ने सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से यह निर्णय लिया है।बोर्ड द्वारा जारी किए निर्देशों पर गौर करें तो अब स्कूलों से बच्चों को लाने और ले जाने वाली स्कूल बसों में सिक्योरिटी के लिए एक गार्ड और सहायिका की तैनाती अनिवार्य रूप से की जाएगी। बोर्ड ने यह कदम मानव संसाधन विकास मंत्रालय के फैसले को लागू करते हुए अमल उठाया है। इतनी ही नहीं कैंटीन आदि में भी प्रशिक्षित स्टाफ की तैनाती की जानी अनिवार्य होगी। निर्देशों के मुताबिक स्कूल मैनेजमेंट को स्कूल बसों में प्रशिक्षित स्टाफ लगाना जरूरी होगा। सभी स्कूलों को बच्चों की सिक्योरिटी सुनिश्चित करने के लिए एक यातायात प्रबंधक, समन्वयक तैनात करना जरूरी है। इनमें एक महिला सुरक्षाकर्मी, सहायिका की नियुक्ति अनिवार्य होगी। खास बात यह कि स्कूल बसों में किसी भी बाहरी व्यक्ति की एंट्री भी पूरी तरह से वर्जित रहेगी।
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ड्राइवर और स्टाफ का मेडिकल
बोर्ड ने स्कूलों को बस ड्राइवर, गार्ड और महिला स्टाफ की तैनाती के साथ ही उनका मेडिकल चेकअप पर स्कूलों के लिए अनिवार्य किया है। इसके तहत स्कूलों को समय- समय पर आंखों की जांच, ब्लड प्रेशर आदि की जांच करानी होगी। बोर्ड का मकसद है कि निरंतर स्वास्थ्य परीक्षण दुर्घटनाओं की संख्या में लगाम लगाने का काम करेगा।
