
नई दिल्ली.बजट सेशन के दूसरे दिन राज्यसभा के इंडिपेंडेंट मेंबर राजीव चंद्रशेखर ने पाकिस्तान को आतंक स्पॉन्सर देश घोषित करने वाला प्राइवेट मेंबर्स बिल वापस ले लिया। उन्होंने कहा कि हमें इसकी जांच कराने की कोई जरूरत नहीं कि पाकिस्तान आतंकी देश है। यह हम सब जानते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार सर्जिकल स्ट्राइक और मोमबत्तियां जलाने के अलावा भी ऑप्शन तलाश करे। वहीं, सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि पाकिस्तान से निपटने के लिए हर वक्त शांति का सहारा नहीं ले सकते। पाकिस्तान को दिया सबसे पसंदीदा देश (MFN) का दर्जा वापस ले लेना चाहिए। अब राज्यसभा की कार्यवाही 15 मार्च को शुरू होगी। चर्चा के दौरान किस नेता ने, क्या कहा...
- राज्यमंत्री हंसराज अहीर ने कहा कि किसी भी देश को आतंकी देश घोषित करने का असर आगे चलकर नजर आ सकता है।
- चंद्रशेखर ने कहा, ''सरकार से गुजारिश करते हैं कि आतंकवादियों को खत्म करने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक और मोमबत्तियां जलाने के अलावा भी ऑप्शन तलाशे जाएं।''
- पिछले साल विंटर सेशन के दौरान चंद्रशेखर ने यह बिल संसद में रखा था। उन्होंने बिल को ‘द डिक्लरेशन ऑफ कंट्रीज एज स्पॉन्सर टेरेरिज्म बिल 2016’ नाम दिया। इसमें पाकिस्तान से इकोनॉमिक, ट्रेड रिलेशन तोड़ने और वहां के नागरिकों पर लीगल, इकोनॉमिक और ट्रेवल बैन लगाने की बात कही थी।
- बता दें कि गुरुवार को अमेरिकी संसद में भी पाकिस्तान के खिलाफ ऐसा ही एक बिल पेश हुआ।
सांसद ने पहले क्या कहा था?
- 3 फरवरी को चंद्रशेखर ने कहा था कि, ''पाकिस्तान हमारे देश के खिलाफ आतंकवाद को प्रमोट और स्पॉन्सर करता है। पाक को आतंकी देश डिक्लेयर कराने के लिए हमें दूसरे देशों के पीछ नहीं भागना चाहिए। इस काम के लिए हमें खुद खड़ा होना होगा और पहले हम पाकिस्तान को दहशतगर्द मुल्क घोषित करें। दुनिया अब उसकी हरकतों से तंग आ चुकी है।''
- ''1994 में संसद ने पाकिस्तान के खिलाफ प्रस्ताव पास किया था। चाहता हूं कि संसद देश की आवाज पर विचार करे और पाकिस्तान को अपने किए की सजा जरूर मिले।''
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