
जालंधर की पार्श लाजपत नगर कालोनी में हुए वीरवार के दिन सनसनीखेज तिहरे हत्याकांड ने पुलिस तंत्र को हिलाकर रख दिया।
जिम्मेदार काबिल अफसरों की टीम ने बिना देरी किए जांच की तो यह बात स्पष्ट हो गई कि कथित रूप से हथियारा कोई बाहरी व्यक्ति नहीं बल्कि घर से ही जुड़ा हुआ कोई शख्स हो सकता है।
जांच में यह बात सामने आई कि कथित रूप से हुए इस ट्रिपल महिला मर्डर केस में अमरिंद्र सिंह और दीपनगर वासी रूबी का हाथ बताया गया है, जिन्होंने मिल बैठकर अपनी सारी योजना को यर्थात रूप दिया। अमरिंद्र सिंह बुजुर्ग मृतक महिला का बेटा और दूसरी मृतका का पति बताया गया है। अमरिंद्र सिंह के पिता पैट्रोल पंप कारोबारी और सोढल नगर में लोहा ढुलाई के विख्यात व्यापारी है। उनके घर में तीन महिलाओं का एक साथ, एक ही वक्त कत्ल ने पुलिस प्रशासन और इलाका वासियों क झनझोर कर रख दिया। सूत्रों के मुताबिक घर में बहुत कुछ होने के बावजूद तीनों मृतक महिलाओं के सोने के गहने सही-सलामत थे। जिससे पुलिस को स्पष्ट हो गया कि वारदात को लूटपाट के मामले से अलग-थलग करते हुए हत्या के उददेश्य से जांच लाजिम है।
इसी दौरान पुलिस के शक की सुई परिवार के इर्दगिर्द घूमती दिखी क्योंकि हत्यारे घर के बाहरी गेट से दाखिल होकर अंदरूनी गेट से बाहर चले गए थे और घर के सीसीटीवी कैमरे खराब बताए गए। इस दौरान पुलिस ने घर के मालिक के बेटे अमरिंद्र सिंह शंटू पर नजर बनाए रखी और उन्हें एक पल के लिए भी अकेला ना छोड़ा। आज सिविल अस्पताल में पोस्ट मार्टम के वक्त भी सादा पुलिस मुलाजिम अमरिंद्र के साथ दिखे। अंतिम संस्कार करने के पश्चात जब पारिवारिक लोग आए हुए लोगों के धन्यवाद के लिए हाथ जोड़े खड़े तो पुलिसकर्मियों ने अमरिंद्र को सभी रिश्तेदारों के सामने शमशान घाट से ही पुलिस गाड़ी में बिठाकर सीआईए ले गए। थोडी देर बाद ही इस समस्त हत्याकांड से पुलिस ने पर्दा उठा दिया।
सूत्रों के मुताबिक हत्या की रात ही रूबी से जब पुलिस ने थोड़ी सी सख्ती बरती तो उसने बताया कि जिस वक्त वह घर के मालिक जगदीश लूम्बा की फैक्ट्री में काम करती थी, वही पर उसकी दोस्ती अमरिंद्र सिंह के साथ हो गई, जिसे प्यार में बदलते देर ना लगी। दोनों के प्यार का परिवार वाले विरोध करते थे और इसी कारण घर में कई बार झगड़े भी हुए। पूछताछ के दौरान यह भी पता चला है कि रूबी ने पहले भी अमरिंद्र की मां दलजीत कौर पत्नी परमजीत कौर के कत्ल के लिए 15 लाख में सौदा करने की बात कही थी और इसके लिए अमरिंद्र सिंह ने हामी भी भर दी थी, इसी बीच सुपारी लेने वाले तीनों शख्सों में से दो ने रूबी और अमरिंद्र को कहा था कि वह 8 लाख में इस कार्य को अंजाम दें देंगे। इसके बाद यह सौदा 8 लाख में हो गया। फिलहाल पुलिस इस बात का पता करने का प्रयास कर रही है कि दोनों हथियारों ने वारदात से पहले सीसीटीवी कैमरा मकैनिग बनकर अमरिंद्र के घर गए थे लेकिन उस दिन अमरिंद्र घर में मौजूद नहीं था इसलिए वारदात को अंजाम नहीं दिया गया।
तय सौदे के मुताबिक आरोपियों को 8 लाख रूपए दिए जाने थे और रूबी के नाम अमरिंद्र सिंह ने केएमवी कालेज वाला पैट्रोल पंप करना था मामला ठंडा होते ही रूबी और अमरिंद्र ने शादी भी करनी थी। हथियारों को सुपारी दलजीत कौर और परमजीत कौर के लिए दी गई थी लेकिन खुशविंद्र कौर उर्फ नीतू घटना के वक्त घर में मौजूद थी, वह वारदात की चश्मदीद बन सकती थी इसलिए हथियारों ने उसे भी मार डाला। फिलहाल पुलिस सुपारी लेने वाले मुख्य आरोपी विपन की तलाश में जुटी है। रूबी ने एक घंटे से कम वक्त के दौरान हुई कडाई से पूछताछ में समस्त राज उगल दिए। मृतकों के अंतिम संस्कार के बाद पुलिस ने अमरिंद्र को भी हिरासत में लेकर इकबाले जुल्म कबूल करवा लिया है।
उल्लेखनीय है कि वीरवार के दिन-दिहाड़े हथियारों से लैस हथियारों ने ताबड़तोड़ गोलिया चलाकर जालंधर के पॉश इलाके लाजपत नगर में इस तिहरे हत्याकांड को अंजाम दिया था। वारदात के दौरान दो महिलाओं जिनमें उद्योगपति जगजीत सिंह जगी लूंबा की 60 वर्षीय पत्नी दलजीत कौर और उसकी बहू परमजीत कौर उर्फ पम्मी की मौके पर ही मौत हुई थी जबकि पम्मी की बहन खुशविंद्र कौर नामक तीसरी महिला का ब्रेन डैड होने के कारण बाद में उसे भी मृत करार दिया गया था।
