
नई दिल्ली : शुक्रवार को भारत और इजरायल के बीच 2.5
बिलियन डॉलर यानी 17,000 करोड़ की डील हुई और यह डील मिसाइल के लिए दोनों
देशों के बीच हुई है। इस डील के साथ इजरायल मध्यम रेंज की जमीन से हवा तक
मार कर सकने वाली मिसाइलें तैयार करेगा।
तैयार होंगी आर्मी की 5 नई रेजीमेंट्स
भारत में बनने वाली ये मिसाइलें इंडियन आर्मी के लिए होंगी। इन मिसाइलों की रेंज 50 से 70 किलोमीटर तक होगी और इस डील की मंजूरी कैबिनेट की सुरक्षा समिति की मीटिंग में दी गई है जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। इंडियन आर्मी की 5 रेंजीमेंट्स जिसमें 40 यूनिट्स और 200 मिसाइलें होंगी उन्हें इस डील के तहत डेवलप किया जाएगा।
इस मिसाइल सिस्टम को डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) और इजरायल एयरक्राफ्ट इंडस्ट्रीज की ओर से भारत में ही तैयार किया जाएगा। इस पूरी डील में डीआरडीओ का रोल काफी अहम होगा और इन मिसाइलों की डिलीवरी वर्ष 2023 तक होनी है। दोनों देशों के बीच 2 लंबी दूरी का फाल्कन एयरबॉर्न वॉर्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (अवाक्स) खरीदने पर भी विचार चल रहा है।
इजरायल की टेक्नोलॉजी बेस्ट
इजरायल की मिसाइल टेक्नोलॉजी को दुनिया की बेस्ट टेक्नोलॉजी में शुमार किया जाता है। जनवरी में इजरायल ने एक ऐसा खतरनाक मिसाइल सिस्टम डेप्लॉय कर डाला था है जो कुछ सेकेंड्स के अंदर किसी भी दुश्मन देश की मिसाइल को तबाह कर सकता है। भारत, इजरायल के रक्षा उपकरणों को सबसे बड़ा खरीददार है। इजरायल भारत के लिए रूस के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा डिफेंस सप्लायर है। यह डील इसलिए भी अहम है क्योंकि इसी वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी पहली इजरायल यात्रा पर रवाना होने वाले हैं।
तैयार होंगी आर्मी की 5 नई रेजीमेंट्स
भारत में बनने वाली ये मिसाइलें इंडियन आर्मी के लिए होंगी। इन मिसाइलों की रेंज 50 से 70 किलोमीटर तक होगी और इस डील की मंजूरी कैबिनेट की सुरक्षा समिति की मीटिंग में दी गई है जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। इंडियन आर्मी की 5 रेंजीमेंट्स जिसमें 40 यूनिट्स और 200 मिसाइलें होंगी उन्हें इस डील के तहत डेवलप किया जाएगा।
इस मिसाइल सिस्टम को डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) और इजरायल एयरक्राफ्ट इंडस्ट्रीज की ओर से भारत में ही तैयार किया जाएगा। इस पूरी डील में डीआरडीओ का रोल काफी अहम होगा और इन मिसाइलों की डिलीवरी वर्ष 2023 तक होनी है। दोनों देशों के बीच 2 लंबी दूरी का फाल्कन एयरबॉर्न वॉर्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (अवाक्स) खरीदने पर भी विचार चल रहा है।
इजरायल की टेक्नोलॉजी बेस्ट
इजरायल की मिसाइल टेक्नोलॉजी को दुनिया की बेस्ट टेक्नोलॉजी में शुमार किया जाता है। जनवरी में इजरायल ने एक ऐसा खतरनाक मिसाइल सिस्टम डेप्लॉय कर डाला था है जो कुछ सेकेंड्स के अंदर किसी भी दुश्मन देश की मिसाइल को तबाह कर सकता है। भारत, इजरायल के रक्षा उपकरणों को सबसे बड़ा खरीददार है। इजरायल भारत के लिए रूस के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा डिफेंस सप्लायर है। यह डील इसलिए भी अहम है क्योंकि इसी वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी पहली इजरायल यात्रा पर रवाना होने वाले हैं।
