
केरल के कोच्ची में मोरल पुलिसिंग का ताजा मामला सामने आया है। बुधवार शाम शिवसेना के कुछ कार्यकर्ताओं ने कोच्ची के मरीन ड्राइव पर बैठे कपल्स को खदेड़ दिया। कार्यकर्ताओं की दादागिरी का यह मामला पुलिसवालों और मीडिया के लोगों के सामने हुआ। उत्पीड़न रोकने में नाकाम रहने के चलते एक सब इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है और आठ कॉन्सटेबलों का ट्रांसफर किया गया है।
पुलिस ने कहा कि बुधवार को शिवसेना कार्यकर्ता एक जुलूस निकाला रहे थे, उन लोगों के हाथ में एक बैनर था जिसपर लिखा था, “stop love under umbrella (छाते की आड़ में प्यार बंद करो)”. कार्यकर्ताओं ने मरीन ड्राइव पर बैठे कपल्स को पहले तो मौखिक रूप से प्रताड़ित किया फिर कुछ कपल्स को वहां से भगा दिया और कभी वापस नहीं आने की धमकी दी। स्थिति तब नियंत्रण में आई जब बड़ी संख्या में पुलिसबल को बुलाया गया।
पुलिस ने कहा कि शिवसेना के छह कार्यकर्ताओं को इस बाबत हिरासत में लिया गया है। गिरफ्तारी सार्वजनिक उपद्रव मचाने व बिना पुलिस की इजाजत के जुलूस निकालने के आरोप में की गई है। हालांकि पुलिस ने बताया कि अभी तक किसी ने भी शिकायत दर्ज नहीं कराई है। कुछ दिन पहले शिवसेना कार्यकर्ताओं ने युवक-युवतियों को मरीन ड्राइव पर ना बैठने की चेतावनी दी थी। बता दें कि दो हफ्ते पहले ही वैलेंटाइन डे के दिन कोल्लम के अजहीक्कल बीच पर प्रताड़ित किए जाने के बाद दो युवकों ने आत्महत्या कर ली थी।
इस घटना की सत्ताधारी माकपा और विपक्षी कांग्रेस दोनों ने ही निंदा की है। मलयालम समाचार चैनलों ने वीडियो का प्रसारण किया है जिसमें दिखा रहा है कि शिवसेना के कार्यकर्ताओं का एक समूह लाठियों से युवक-युवतियों को मरीन ड्राइव से भगा रहा है जो कि एक पर्यटन स्थल है। घटना कथित तौर पर पुलिस की मौजूदगी में हुई है। कोच्चि की मेयर सौमिनी जैन ने घटना की निंदा करते हुए कहा है कि उन्होंने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ महिलाओं के विरूद्ध हिंसा वाली धाराओं में मामला दर्ज करने को कहा है।
Source: jansatta.com
