चोरी हुआ आधार का आंकड़ा तो निराधार हो जाएंगे आप, खतरे में आपका पैसा




पिछले हफ्ते एक्सिस बैंक से आपके आधार से बायोमैट्रिक डेटा के चोरी होने की खबर आई थी. आधार बनाने वाली सरकारी एजेंसी UIDAI ने इसके चलते एक्सिस बैंक खातों से आधार आधारित ट्रांजैक्शन को बंद कर दिया है.

जानिए, क्या कर सकते हैं हैकर्स आपके आधार के साथ
आपका आधार नंबर धीरे-धीरे आपके और सरकार के बीच वित्तीय लिंक बना रहा है. इस नंबर के जरिए आने वाले दिनों में सरकार वित्तीय और अन्य सब्सिडी का लाभ सीधे आपके बैंक अकाउंट में डाल देगी. इसके साथ ही सरकार द्वारा चलाई जा रही स्कीमों का फायदा आपके आधार नंबर से जुड़े बैंक अकाउंट में पहुंचा देगी. इसके साथ ही बाजार में कई तरह की सेवाओं को लेने के लिए आधार जरूरी हो जाएगा.
आधार नंबर और बैंक अकाउंट
आपका आधार नंबर और बैंक अकाउंट आपस में जुड़े होने के कारण आधार बनाने वाली संस्था यूनीक आईडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) के लिए इसके आंकड़ों को सुरक्षित रखना बेहद चुनौती भरा काम है. यह आंकड़ा अगर चोरी हुआ या ऑनलाइन हैकिंग का शिकार बना तो कुछ ही मिनटों में आधार से जुड़े हजारों बैंक खातों से बड़ी रकम को इधर से उधर कर सकते हैं.
बैंकों की जिम्मेदारी
आपके बैंक अकाउंट की सुरक्षा की जिम्मेदारी आपके बैंक पर है. यह जिम्मेदारी आप पर भी है. यदि किसी ऑनलाइन हैकर ने बैंक के सर्वर से या UIDAI के जरिए अकाउंट में सेंधमारी की तो जिम्मेदारी बैंक अथवा UIDAI की होगी. यह आंकड़े हैकर्स को सीधे आपके जरिए भी मिल सकते हैं. ऐसी स्थिति में जिम्मेदारी आपकी होगी.
जब खुद जिम्मेदार
आप यदि अपनी लापरवाही से हैंकिंग का शिकार बने हैं तो आपको बैंक खाते से गायब हुए पैसों पर महज अफसोस करना रह जाएगा. बैंक और UIDAI से किसी तरह की भरपाई की उम्मीद कम होगी. लिहाजा, ऑनलाइन बैंकिंग आप सिर्फ सुरक्षित टर्मिनलों पर किया करें. सुरक्षित टर्मिनल आपके लिए मोबाइल इंटरनेट, ब्रॉडबैंड अथवा किसी अन्य माध्य से इंटरनेट सुविधा के साथ लिया गया एंटी वायरस है जो आपको हैंकिंग से बचा सकता है.
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